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बांस की खेती के लिए महिला किसानों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न ।

महराजगंज । टाटा ट्रस्ट के सृष्टि सेवा संस्थान द्वारा रामनगर पकड़ी के समीप एक लान में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बांस की खेती करने के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए सीबार्ट संख्या की मुख्य कार्यकारी रत्ना ने कहा कि बांस की खेती ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए सशक्त माध्यम है। बांस न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में उपयोगी भी है।
सृष्टि संख्या के प्रमुख सुनील कुमार पांडेय ने कहा कि बांस एक बहुपयोगी पौधा है। जिसकी खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बांस की खेती कम लागत और कम पानी में भी की जा सकती है। बाजार में बांस की मांग बाजार लगातार बढ़ रही है। बांस से फर्नीचर, हस्तशिल्प, कृषि उपकरण, कागज उद्योग तथा निर्माण कार्यों में व्यापक रूप से किया जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन करते हुए सीबार्ट संस्था के अनुसंधान वैज्ञानिक क्षितिज मल्होत्रा ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से बांस रोपण, पौध प्रबंधन, एवं गुणवत्तायुक्त नर्सरी तैयार करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बांस भूमि संरक्षण,जैव विविधता संवर्धन में सहायक है। समाज कल्याण एवं बाल विकास परिषद के नरेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव ने कहा कि बांस की खेती कम लागत एवं देखभाल के बावजूद अधिक लाभदायक है। कहा कि टाटा ट्रस्ट के सहयोग से महिला किसानों के सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन में के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं उसमें बांस की खेती एक प्रभावी और दीर्घकालिक विकल्प के रूप में उभर सकती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में देवेन्द्र पाण्डेय, अजय तिवारी, आदित्य तिवारी, सुनील मौर्य, तथा बांस गांवों के कृषि प्रसार मित्रों, दीपक पाण्डेय ने विशेष सहयोग प्रदान किया। प्रशिक्षण में 60 किसानों को बांस की खेती के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया गया। अतिथियों का स्वागत सृष्टि सेवा संस्थान की गीता शर्मा द्वारा किया गया।

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