
महराजगंज । किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य दिलाने में खाद्य एवं विपणन विभाग जुटा हुआ है। समर्थक मूल्य योजना के तहत 12 मई 2026 तक 5588 किसानों से करीब 19931 एमटी अर्थात क़रीब 51.92 करोड़ का गेहूं खरीदा गया है। इसमें से करीब 48.69 करोड़ किसानों को भुगतान हो भी चुका है। शेष 3.22 करोड़ रूपए भुगतान की प्रक्रिया जारी है। गत वर्ष उक्त अवधि तक विभिन्न एजेंसियों ने 5421 किसानों से करीब 17846 एमटी गेहूं की खरीद हुई थी।
उक्त जानकारी देते हुए जिला खाद्य विपणन अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य योजना के तहत 57 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खरीद के लिए कुल 163 क्रय केंद्र खोले गए। उक्त अवधि तक लक्ष्य के सापेक्ष 19931 एमटी अर्थात 34.97 प्रतिशत गेहूं की खरीद हो चुकी है।
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गेहूं खरीद के लिए एजेंसीवार लक्ष्य का विवरण :-
खाद्य विभाग —10000एमटी
पीसीएफ ——–22000एमटी
यूपीएसएस—–3000 एमटी
पीसीयू———17500 एमटी
मंडी समिति—–250एमटी
भाखानि———1000एमटी
एनसीसीएफ —–1750 एमटी
नेफेड ————–1500एमटी
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सर्वाधिक लक्ष्य एवं श्रय केन्द्र वाले पीसीएफ की खरीद गति धीमी
शासन स्तर से गेहूं खरीद के लिए वैसे तो आठ क्रय एजेंसियां नामित है, सभी के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य तथा क्रय केंद्रों का निर्धारण भी कर दिया गया है। इसमें सर्वाधिक लक्ष्य पीसीएफ को 22000 एमटी गेहूं खरीद का दिया है। इसके लिए पीसीएफ ने सर्वाधिक 60 क्रय केंद्र खोला है, लेकिन 12 मई तक करीब 4398 एमटी गेहूं खरीद ही कर सका है जो लक्ष्य के सापेक्ष करीब 19.99 प्रतिशत है। वहीं पर खाद्य विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत से अधिक गेहूं खरीद कर बाजी मार ली है। खाद्य विभाग ने अपने 30 क्रय केंद्रों के जरिए 9017 एमटी से अधिक गेहूं खरीद कर ली है।
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12036 एमटी गेहूं का उठान बाकी
बीते 12 मई तक सभी क्रय एजेंसियां द्वारा खरीदे गए 19931 एमटी गेहूं में 7895 एमटी गेहूं तो भारतीय खाद्य निगम को सम्प्रदान कर दिया गया है, लेकिन 12036 एमटी गेहूं का उठान बाकी है। गेहूं विभिन्न क्रय केंद्रों पर पड़ा हुआ है। ऐसे में बारिश होने पर गेहूं भींगने की आशंका बनी रहती है।
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लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं खरीद, शत प्रतिशत किसानों को त्वरित भुगतान तथा क्रय केंद्रों पर पड़े गेहूं के उठान के लिए सभी श्रय एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए उनके स्तर से प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है। किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ दिलाने के लिए शासन, प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “



