
महराजगंज । जनपद के आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नवनाथ प्रसाद ने जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय तथा डिप्टी सीएमओ डॉ केपी सिंह ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बच्चों को दवा खिलाकर कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ किया।
सीएमओ डॉ नवनाथ प्रसाद ने कहा कि बच्चों को कृमि से मुक्ति दिलाने तथा कुपोषण और एनीमिया से बचाने के कृमि दवा एलबेंडाजोल की दवा जरूर खिलाएं। आरसीएच के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ राजेश द्विवेदी ने कहा कि कृमि मुक्ति कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सामुदायिक सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह दवा बच्चों को अपने सामने खिलाएं। दवा घर ले जाने के लिए किसी को न दें। जिले में 15 लाख 500 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य है।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जनपदीय सलाहकार शिवेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव ने बताया कि एक से 19 साल के बच्चों और किशोर-किशोरियों को पेट से कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की दवा खिलाने के लिए 10 फरवरी को कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। छूटे हुए बच्चों को दवा खिलाने के लिए 13 फरवरी को माॅपअप राउंड चलेगा। जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में 168 तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 95 छात्राओं को दवा खिलाई गई।
डिप्टी सीएमओ डॉ के पी सिंह ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बालिकाओं को दवा खिलाकर कृमि मुक्ति दिवस मनाया। उन्होंने कहा कृमि के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए यह दवा सबसे बेहतर उपाय है।
डिप्टी सीएमओ डॉ अखिलेश यादव ने कहा कि जिन बच्चों के पेट में पहले से कृमि होते हैं उन्हें कुछ हल्के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं लेकिन इससे घबराना नहीं चाहिए। आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद से चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। दवा खाली पेट नहीं खानी है। इस अवसर पर डॉ कमरूज्जमा लारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज सिंह, मुकेश त्रिपाठी, कुलदीप सिंह, श्रीभागवत सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, लवली वर्मा आदि प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
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दवा खाने के फायदे
•स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार
•रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि
•एनीमिया नियंत्रण
•समुदाय में कृमि संक्रमण की व्यापकता में कमी
•सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार
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ऐसे भी होता है कृमि से बचाव:-
•साफ और छोटा नाखून
•साफ पानी का सेवन
•आस-पास साफ-सफाई
•ढ़के हुए खाने का इस्तेमाल
•जूते पहनना
•खुले में शौच न करना ।

