बच्चों को न मिड-डे मील मिल रहा, न पढ़ाई हो रही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
महराजगंज । सदर विकासखंड के ग्राम सभा बागापार टोला कोदईपुर बरईठवा स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका और शिक्षामित्र के बीच चल रहे विवाद ने पूरे विद्यालय की व्यवस्था चरमरा दी है। विद्यालय में तैनात प्रभारी शिक्षिका रीना कनौजिया और शिक्षामित्र राधा पांडेय के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस झगड़े का खामियाजा अब मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में कई दिनों से मिड-डे मील नहीं बना और पठन-पाठन पूरी तरह ठप है। बच्चे रोज़ स्कूल आते हैं, मगर उन्हें न तो भोजन मिलता है, न पढ़ाई। ग्रामीणों ने बताया कि यह स्थिति पिछले कई हफ्तों से बनी हुई है और विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभारी शिक्षिका रीना कनौजिया 17 अक्टूबर से लगातार विद्यालय से अनुपस्थित हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था की, न ही शिक्षिका के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई की। इस लापरवाही से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षिका का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, जिलाधिकारी और बीएसए को चुनौती देती सुनाई देती हैं। इस ऑडियो के बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह चर्चा तेज है कि कहीं प्रशासन दबंग शिक्षिका के दबाव में तो नहीं है। ग्रामीण मनोज, उमेश, राहुल, मंजेश, राजन, कन्हैया सहित कई लोगों ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्कूल पर ताला बंद कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है और विभाग मूकदर्शक बना बैठा है।यह मामला एक बार फिर प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर करता है। एक ओर शासन बच्चों की शिक्षा और मिड-डे मील योजना को लेकर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, वहीं दूसरी ओर एक शिक्षिका की मनमानी से पूरा विद्यालय अस्त-व्यस्त पड़ा है।
इस संबंध में पूछे जाने पर सदर खंड शिक्षाधिकारी अंकिता सिंह ने बताया कि शिक्षिका के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है । यदि समय से जवाब नहीं मिला तो रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके ।


