महराजगंज । फरेन्दा ब्लाक क्षेत्र के बरातगाड़ा देवी मंदिर पर मनाया गया महर्षि वाल्मीकि जयन्ती । महर्षि वाल्मीकि का जीवन सदैव के लिए प्रेरणास्रोत संस्कार तथा सर्वोच्च सभ्यता प्रदान करने वाला है। लौकिक संस्कृत साहित्य का सूत्रपात महर्षि वाल्मीकि के द्वारा किया गया। जिस महान ग्रंथ की रचना से लोग अपने जीवन शैली को सुदृढ़ करने का प्रयास करते हैं उस महान ग्रंथ रामायण के रचयिता आदि कवि वाल्मीकि जी हैं। महर्षि वाल्मीकि का प्रारंभिक जीवन संघर्षों से पूर्ण रहा माता सरस्वती की कृपा ने उनके जीवन को आने वाले पीढ़ियों के लिए आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर दिया। उक्त बातें बारातगाड़ा देवी मंदिर पर आए फरेन्दा खंड विकास अधिकारी अतुल कुमार ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्होंने कहा कि रामायण समाज का दर्पण है जिसके माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन आता है रामायण के माध्यम से सामाजिक समरसता उन्नयन तथा सद्भाव की प्रक्रिया प्राप्त होती है। बारातगाड़ा देवी मंदिर पर रामचरित मानस का उन्होंने पाठ भी किया । इस मौके पर फरेन्दा खंड विकास अधिकारी अतुल कुमार के साथ सचिव वेद प्रकाश मोदनवाल , ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिनेश यादव, ग्राम प्रधान झावाकोट वीरेंद्र कुमार , पंचायत सहायक राजू सिंह, सत्येंद्र यादव ,राममिलन यादव, प्रेम शंकर पांडे , आदित्य मिश्र, गणेश यादव, गंगेश मिश्र सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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