पापियो से निजात धर्म की स्थापना के लिए भगवान होते है धरती पर अवतरित ।

महराजगंज । लक्ष्मीपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोंधी पोखरे पर स्थित बऊरहवा बाबा शिव मंदिर परिसर मे आयोजित रूद्र महायज्ञ के दौरान आयोजित श्रीमद्भागवत कथा मे कथावाचक पं.देवांश महाराज ने अपने संगीतमयी कथा प्रसंग मे भगवान श्रीकृष्ण के गोकुल में आनंद भयो जय कन्हैयालाल की,हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैयालाल की सहित अनेक भजन सुनाए। भगवान कृष्ण ने संसार को अंधेरे से प्रकाश में लाने के लिए जन्म लिया और अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञान रूपी प्रकाश से दूर किया।
आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गुरूवार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जन्मोत्सव की झांकी निकलते ही श्रद्धालु झूम उठे और पुष्पवर्षा की।वहीं कथा स्थल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जयघोष से गूंज उठा।कथावाचक ने कथा मे बताया जब धरा पर अत्याचार व दुराचार बढ़ता है, तब ईश्वर का अवतार अवश्य होता है। भगवान का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए ही होता है। जब मथुरा के राजा कंस का अत्याचार बढ़ने लगा, तो लोगों की पुकार सुनकर नारायण ने श्रीकृष्ण के रूप में देवकी के पुत्र के रूप में जन्म लिया।जानकारी होने के बाद भी कंस श्रीकृष्ण का कुछ भी नहीं कर सका। जबकि कंस ने उन्हें मारने के लिए कई राक्षस भेजे, लेकिन बाल श्रीकृष्ण ने सभी राक्षसों का वध कर दिया। वहीं धर्म और प्रजा की रक्षा के लिए उन्होंने कंस का अंत भी कर दिया। इस दौरान डा.ओमप्रकाश चौधरी,भरत चौधरी,अनिल चौधरी,शिशिर चौधरी,नन्दलाल यादव,काशीराम,नेबूलाल,लालसिंह,रामकिशोर,रामप्रीत,विनोद, कुलदीप,महेन्द्र,अम्बिका संदीप,शैलेश,सन्नी,प्रिन्स,बेचन,इंदल, परमात्मा,राजिंदर,सुमित सुशील,पवन सहित दर्जनो लोग मौजूद रहे।


