मच्छरों के प्रकोप से नींद हो रहा हराम, साहब आखिर कब मिलेगा मच्छरों के प्रकोप से छुटकारा ।

महराजगंज। फरेन्दा बरसात के चलते फरेन्दा ब्लाक के अधिकांश गांवों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने गया है। इससे वाले संक्रामक रोगों को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। वायरल फीवर और मलेरिया प्रकोप ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। ऐसे में फरेन्दा ब्लॉक के द्वारा मच्छरों के प्रकोप से बचाने के इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं। क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में दवा छिड़कवाने एवं फागिंग कराए जाने की मांग कई बार की गई। लेकिन अधिकारी व कर्मचारी बेपरवाह बने है। फरेन्दा क्षेत्र के 71 ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई व फागिंग की व्यवस्था ग्राम प्रधान व स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। वहीं ब्लॉक अधिकारी व कर्मचारियों का कहना
है कि हर समय ग्राम पंचायतों व चौक चौराहों में फागिंग कराई जाती है। हकीकत यह है कि फरेन्दा क्षेत्र के ज्यादातर ग्राम पंचायतों के टोलो मच्छर जनित बीमारियों का बढ़ रहा खतरा
कहते है ग्रामीण पाँच लीटर डीजल, एक लीटर पेट्रोल और पानी में पूरे ग्राम पंचायत में फॉगिंग हो जाता है। और हजारों की निकासी हो जाती है। यहीं नहीं बरातगाड़ा झावाकोट गांव का मुख्य मार्ग पर जलजमाव व कीचड़ होने के नाते खतरनाक मच्छर एडिज (घूस) पनपते है। जिससे लोग बीमार पड़ रहे है।
क्या कहतें हैं एडीओ पंचायत
इस संदर्भ में एडीओ पंचायत राम कृष्ण प्रसाद ने कहा कि गांवों में साफ-सफाई, फागिंग, चुना छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है। जिससे जलजनित च मच्छरों से निजात मिल सके। जिस गांव में फॉगिंग हो रही है उसका फोटो मांगा गया है । ग्रामीणों का कहना है कि गांव में फागिंग होती ही नहीं है, सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। और शासकीय धन का दुरूपयोग किया जाता है।


