विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज में विचार व्यक्त करतीं प्रधानाचार्या एवं उपस्थित शिक्षकगण ।

महराजगंज हिंदी का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार और उपयोग बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज, प्रयाग नगर भैंसा में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की प्रधानाचार्या करुणामणि पटेल ने कहा कि आज हिंदी दुनिया भर में बसे भारतीयों को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान है, बल्कि आधुनिक युग में यह निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।
संस्था के संस्थापक प्रबंधक उपेंद्र मिश्र ने कहा कि हिंदी भारतीयता की पहचान है, जो हमें संस्कार और सुयोग्य जीवन पद्धति से आच्छादित करती है। उन्होंने हिंदी को राष्ट्र की आत्मा बताते हुए इसके संरक्षण और संवर्धन पर बल दिया। वर्ष 2026 की थीम “पारंपरिक ज्ञान से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक हिंदी” पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि हिंदी अब केवल साहित्य और संस्कृति तक सीमित नहीं रही, बल्कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दुनिया में भी तेजी से अपनी पहचान बना रही है। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म, कोडिंग और नई तकनीकों में हिंदी का प्रभावी उपयोग हो रहा है। सरकार भी हिंदी को डिजिटल युग में और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उप प्रधानाचार्य आर. के. तिवारी ने कहा कि हिंदी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व के लगभग 100 देशों में बोली और समझी जाती है, जो इसकी वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में रमेश चंद पटेल, मनमीत कुमार पटेल, उषा सिंह, नेहा मद्धेशिया, सीमा पांडे, अमित गिरी, श्रवण विश्वकर्मा, महेंद्र उपाध्याय, गंगेश वर्मा, राहुल जायसवाल, अभिषेक जायसवाल सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।



