
महराजगंज ।अब ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। ठंड को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना पड़ेगा। विशेष सावधानी भी बरतनी पड़ेगी, वरना लापरवाही भारी पड़ेगी। बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है। उक्त जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि अब जनपद ठंड की चपेट में आ रहा है। शीतलहर भी बढ़ने लगी है। ऐसे सभी लोगों को ठंड को लेकर एहतियात बरतना पड़ेगा। घर से निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है। सीएमओ ने कहा कि ठंड को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों को विशेष तौर पर सावधानी बरतना आवश्यक है। सुगर, सांस, उच्च रक्तचाप के मरीजों को तो रहन सहन, पहनावा और खान-पान पर विशेष ध्यान देना होगा।नोडल अफसर व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नवनाथ प्रसाद ने जन सामान्य से अपील की है कि शीतलहर से बचाव के लिए मौसम की जानकारी लेते रहें। आपातकालीन प्रक्रिया की जानकारी का पालन करें। शीतलहर के मौसम में यात्रा कम से कम करें। ढीले ढाले और कई परत में ऊनी कपड़े पहनें। ठंड के मौसम में टोपी और मफ़लर का उपयोग करें। वाटरप्रूफ जूते पहनें।
शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें ।
घर से बाहर जाते समय शरीर को गर्माहट देने वाले कपड़े पहनें।
शरीर को पूरी तरह ढंक कर बाहर निकलें।
– पीने के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें।
नहाने के लिए भी गर्म पानी का प्रयोग करें।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। घर को गर्म रखने के लिए खिड़की, दरवाजों को बंद रखें।
जरूरत न हो तो घर से बाहर जाने से बचें।
शीतलहर से बचाव के लिए क्या न करें:- कंपकंपी को नजरंदाज न करें। यह पहला संकेत है कि शरीर की गर्मी कम हो रही है।
अत्यधिक मदिरा का सेवन न करें। यह शरीर के तापमान को कम करता है। हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ाता है।
शीतलहर से सम्बन्धित बीमारी से प्रभावित व्यक्ति को तब तक कोई तरल पदार्थ न दें जब तक वह पूरी तरह से सतर्क अवस्था में न हो।
बंद कमरों में मोमबत्ती, लकड़ी आदि न जलाएं। इससे कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन होता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
– किसी कारण वश कपड़े गीले हो गए हों तो कपड़ों को बदल दें।
शरीर को गर्म करने के लिए अलाव, हीटर का उपयोग करें।गर्म पदार्थ का सेवन करें।



