(सुनील पाण्डेय)
कोल्हुई । इन दिनों जैसे-जैसे रबी सीजन में गेहूं की बुवाई का दौर शुरू हुआ है । वैसे-वैसे किसानों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र के अधिकांश अन्नदाता इन दिनों खाद की किल्लत और ऊंचे दामों को लेकर चिंतित हैं। दुकानदारों द्वारा मनमाने दामों पर डीएपी एवं यूरिया बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने डीएपी की प्रति बोरी की कीमत रु 1350 एवं यूरिया की रु 266 तय की है । लेकिन बाजार में दुकानदार की मनमानी अन्नदाताओं पर भारी पड़ रही है । जहां पर डीएपी रु 1700 से 1750 प्रति बोरी तक बेंचीजा रही हैं। कुछ जगहों पर दुकानदार खाद के साथ अन्य दवाइयां कीटनाशक या सूक्ष्म खाद लेने की शर्त भी रख दिया हैं। जिससे किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है । इस बार बरसात होने के कारण खेत मे पर्याप्त नमी है लेकिन डीएपी की कमी से बुवाई में देरी हो रही है ।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रेम शंकर पाण्डेय ने कहा कि अगर तय दर पर डीएपी की आपूर्ति नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा सरकार किसानों के हित की बात करती है लेकिन जमीनी स्तर पर अन्नदाता दुकानदारों की मनमानी से बेहद परेशान है। प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।


