महराजगंज । जनपद के घुघली थाना क्षेत्र के पकड़ियार विशुनपुर गांव निवासी भीम यादव की हालत डॉक्टर की गंभीर लापरवाही से नाजुक बनी हुई है। परिजनों ने बताया कि उन्हें बवासीर की शिकायत थी, जिसके इलाज के लिए 17 जून 2025 को घुघली हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने ऑपरेशन किया। चार दिन बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन घर लौटने के बाद उनकी तकलीफ और बढ़ती गई।
परिजन बार-बार डॉक्टर से इलाज कराते रहे, लेकिन समस्या सामान्य बताकर दवाइयाँ दी जाती रहीं। हालत बिगड़ने पर 10 सितम्बर को उन्हें गोरखपुर के पार्क हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएचयू, वाराणसी रेफर कर दिया गया। बीएचयू के चिकित्सकों ने जांच में पाया कि ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में करीब एक मीटर लंबी पट्टी छूट गई थी। 17 सितम्बर को दोबारा ऑपरेशन कर पट्टी निकाली गई, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
मरीज की पत्नी उर्मिला यादव ने मुख्य सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखकर दोषी डॉक्टर पर सख्त कार्यवाही और मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस मामले पर अब तक स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


