धनतेरस से दिपावली, भैयादूज,विसर्जन तक पुलिस अलर्ट मोड में, एसपी के निर्देश पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम ।
2311 मूर्तियाँ, और विसर्जन स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम ।
महराजगंज । आगामी धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज को लेकर जनपद महराजगंज में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा के नेतृत्व में पूरे जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। त्योहारी भीड़ और बाजारों में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि नागरिक निश्चिंत होकर पर्व मना सकें।धनतेरस से दीपावली तक बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस द्वारा गश्त तेज कर दी गई है। नगर क्षेत्र महाराजगंज में 17 से 20 अक्टूबर तक सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक कमर्शियल वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सर्राफा बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं साथ ही साथ सादे व वर्दी दोनों तरह के पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बाजारों में एंटी रोमियो स्क्वॉड और मिशन शक्ति टीम को सक्रिय किया गया है, साथ ही साथ संवेदनशील व हाँटस्पाट स्थलो पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।नेपाल सीमा से सटे थाना क्षेत्रों में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार चेकिंग की जा रही है। डॉग स्क्वॉड की मदद से वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही है। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों में थाना स्तर पर प्रातःकालीन पोस्टर चेकिंग पार्टियां निकाली जा रही हैं।त्योहारों के दौरान मूर्ति स्थापना और विसर्जन को लेकर भी प्रशासन ने विस्तृत व्यवस्था की है। जिले में कुल 2311 मूर्तियाँ व्यस्थापित की जाएगी । मूर्ति स्थापना के पुर्व से ही जँहा से मूर्ति क्रय की जानी है वही से हर मूर्ति के साथ मूर्ति स्थापित स्थल तक फोर्स की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है प्रत्येक समिति पर एक-एक बीट प्रभारी अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है, जो स्थापना से लेकर विसर्जन तक की गतिविधियों की निगरानी करेंगे। समितियों को अपने-अपने वालंटियर तैयार करने और पंडाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।पुलिस प्रशासन ने विसर्जन स्थलों पर प्रर्याप्त लाइट, बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, फ्लड लाइट और फायर टेंडर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 38 संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर वहां विशेष पुलिस प्रबंध किए गए हैं।आतिशबाजी और विस्फोटक सामग्री की बिक्री को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। जनपद में कुल 64 दुकानों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिनमें 11 स्थायी और 53 अस्थायी लाइसेंसधारी शामिल हैं। सभी दुकानों की सघन चेकिंग की जा रही है। अब तक नौ स्थानों पर अवैध पटाखा भंडारण पाये जाने पर कार्यवाई की गयी है, जिनसे लगभग चार कुंतल आतिशबाजी बरामद की गई है। सभी पटाखा/आतिशबाजी विक्रेताओं को रिहायशी इलाकों से हटकर प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर दुकानें लगाने, तथा सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक दुकानो पर अग्निशमन यंत्र और बालू से भरी बाल्टियाँ रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक प्रमुख क्षेत्र में फायर टेंडर की गाड़ियां तैनात की गई हैं।त्योहारों के दौरान पूरे जनपद को 4 जोन और 38 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा ड्यूटी में 12 निरीक्षक, 35 उपनिरीक्षक, 150 हेड कांस्टेबल-कांस्टेबल, 40 महिला पुलिसकर्मी और एक कंपनी दो प्लाटून पीएसी को लगाया गया है। सभी सर्किल मुख्यालयों पर फायर टेंडर की व्यवस्था की गई है, वहीं डायल 112 की गाड़ियों को त्वरित प्रतिक्रिया मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी पुलिस की नजर है। हर थाना स्तर पर सोशल मीडिया सेल को सक्रिय किया गया है जो 24 घंटे ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रख रहा है। किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि त्योहारी सीजन में कानून व्यवस्था बनाए रखना शीर्ष प्राथमिकता है। सभी थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों को सतर्क रहने, संवेदनशील स्थलों पर विशेष गश्त करने और किसी भी नई परंपरा या विवादित आयोजन की अनुमति न देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में हर नागरिक को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने दिया जाएगा। पुलिस-प्रशासन का उद्देश्य है कि त्योहार तक सभी उत्सव शांति और आपसी भाईचारे के वातावरण में सम्पन्न हों।


